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मुख्यमंत्री फेलोशिप योजना के तहत किया है आवेदन तो जान लीजीए ये 7 अहम बातें

लखनऊ
उत्तर प्रदेश में 100 आकांक्षी ब्लॉकों (अति पिछड़े ब्लॉकों) के विकास में तेजी लाने को लेकर सरकार अपनी कवायद में जुट गई है। कुछ जुलाई में ही मुख्यमंत्री फेलोशिप योजना का विज्ञापन जारी हुआ था और इसके तहत अप्लाई करने की अंतिम तिथि 24 अगस्त रखी गई थी। अब सरकार की कोशिश है कि आठ सितंबर से पहले इस हाईप्रोफाइल योजना के तहत शोधार्थियों का चयन कर लिया जाए। यूपी के पिछड़े जिलों में विकास का खाका खींचने के लिए ही IIT, NIT और अन्य प्रमुख संस्थानों के छात्रों को हायर किया जा रहा है। एक तरफ जहां सरकार अपने मकसद में कामयाब होगी वहीं दूसरी ओर शोध छात्रों को रोजगार के अवसर भी मुहैया होंगे।

आठ सितंबर से पहले हो जाएगा साक्षात्कार अधिकारियों की माने तो 8 सितंबर से पहले मुख्यमंत्री फेलोशिप कार्यक्रम के तहत 100 लोगों को हायर करने की प्रक्रिया पूरी कर ली जाएगी। सरकार ने इसके लिए IIT, NIT और अन्य प्रमुख संस्थानों के लगभग 26, 686 छात्रों में से 100 शोध छात्रों का चयन करने की योजना पर काम कर रही है। यूपी की पहली एक वर्षीय फेलोशिप योजना का उद्देश्य यूपी के 34 जिलों में चिन्हित 100 आकांक्षी ब्लॉकों में जमीनी स्तर पर सरकारी कार्यक्रमों के कार्यान्वयन का मूल्यांकन और निगरानी करने करना है।

शोधार्थियों की नियुक्ति के लिए 26,686 आवेदन राज्य योजना विभाग के सचिव आलोक कुमार ने कहा कि , "हम 8 सितंबर, 2022 से 100 लोगों को नियुक्त करने के लिए साक्षात्कार शुरू करेंगे। हमें फेलोशिप के लिए उत्साहजनक प्रतिक्रिया मिली है, आईआईटी, एनआईटी और अन्य प्रमुख संस्थानों के छात्रों से सीएम के लिए 100 शोधार्थियों की नियुक्ति के लिए 26,686 आवेदन प्राप्त हुए हैं। एक वर्ष की अवधि के लिए फैलोशिप कार्यक्रम। फेलोशिप एक और वर्ष के लिए बढ़ाई जा सकती है। "
 

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