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बाढ़ की चपेट में आई 136 आंगनबाड़ी क्षतिग्रस्त, 12 करोड से होगा दुरूस्ती करण का कार्य

Byadmin

Sep 5, 2022 ,

विदिशा
जिले में आई बाढ़ से जहां चारों और बर्बादी का मंजर दिखाई दे रहा था। खेत खिलियान और गांव के गांव पानी में सरावोर हो गए थे। चार दिनों तक बाढ़ के पानी से जन मानस हलाकान रहा। बाढ़ का पानी उतरते ही जो बारिश ने तांडव मचाया है। उससे कोई भी वर्ग अछूता नहीं रहा। खेतों की फसलें बर्बाद हो गर्इं। घर उजड़ गए। लोगों ने राहत कंपों में अपने दिन बिताए। जो विभिषका और मंजर अब दिखाई दे रहा है। उसमें ग्रामीण क्षेत्रों में स्कूल, आगनबाड़ी भवन और पंचायत भवन भी प्रभावित हुए हैं।

 भवनों में रखा सामान बाढ़ की चपैट में आकर नष्ट हो गया। कई इमारतें क्षतिग्रस्त हो गर्इं तो कई इमारतें पुरानी बनी थीं। वह इस योग्य भी नहीं बचीं की उनमें अब बच्चों को बिठाकार आगनबाड़ी का संचालन कराया जा सके। कुल मिलाकर बाढ़ ऐसा सवाल छोड़ गई है। जिसकी भरपाई में कम से कम 6 से 8 महीने का समय लग सकता है। स्कूलों में बच्चों के रिकार्ड और  आंगनबाड़ियों में बच्चों के लिए रखा पोषण आहार के अलावा उनके खेल, खिलौने के सामान भी पानी की भेंट चढ़ गए। देखना अब यह है कि कितने दिनों में प्रशासन पटरी पर गाड़ी ला सकता है।

136 आंगनबाड़ी भवनों के लिए भेजा शासन को 1 करोड़ से अधिक का प्रस्ताव
विगत दिनों हुई अतिवर्षा व बाढ़ से जिले की 136 आंगनबाड़ी भवन क्षतिग्रस्त हुए हैं कि जानकारी देते हुए महिला एवं बाल विकास विभाग के जिला कार्यक्रम अधिकारी ब्रजेश जैन ने बताया कि जिले में जितनी भी आंगनबाड़ी क्षतिग्रस्त हुर्इं हैं उन सब की संपूर्ण जानकारी तैयार कर एडीएम के यहां प्रस्तुत की थी। वहां से आगामी कार्यवाही के लिए भेजा गया है। श्री जैन ने बताया कि भवनों के साथ-साथ कार्यालयीन अन्य सामग्री की क्षति का कुल आंकलन व मरम्मत हेतु एक करोड़ 8 लाख 43 हजार 800 रुपए का प्रस्ताव प्रेषित किया गया है। जिला कार्यक्रम अधिकारी श्री जैन ने बताया कि परियोजना कार्यालयों के कम्प्यूटर, प्रिंटर, अलमारी आदि की क्षति मरम्मत हेतु 1.396 लाख रुपए इसके अलावा आंगनबाड़ी केन्द्रों में वजन मशीन, फर्नीचर, खिलौने, ब्लैक बोर्ड, बर्तन, रजिस्टर, टीएचआर बैग के नुकसान की पूर्ति हेतु मरम्मत राशि 6.038 लाख रुपए का आंकलन किया गया है।

172 हायर सेकेडण्री, हाई स्कूल 701 प्राथमिक और मिडिल स्कूल
बाढ़ की चपैट में आने से शिक्षा महकमा भी अधूरा नहीं रहा।  जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में संचालित होने वाले शिक्षा के मंदिरों में कई दिनों तक बाढ़ का  पानी भरा रहा या यू कहें कि बाढ़ से कई स्कूल प्रभावित हुए हैं। शिक्षा विभाग ने ऐसे स्कूलों का सर्वे कराया। विदिशा ब्लाक के सभी तहसील मुख्यालयों पर जो स्कूल प्रभावित हुए हैं। उनमें लगभग 873 शालाएं ऐसी हैं। जो बाढ़ की चपैट में बूरी तरह आ गर्इं थीं। इन स्कूलों में कई दिनों तक बारिश का पानी भरा रहा। जिससे स्कूल का रिकार्ड के अलावा बच्चों को पढ़ने वाली किताबें फर्नीचर सहित बच्चों को बैठने की टाट फट्टी, मध्यान भोजन का सामान के अलावा ऐसे कई बच्चों के स्पोर्टस का सामान जो बाढ़ की भेंट चढ़ गया है।

 जिसकी भरपाई एकदम होना संभव नहीं हैं। फिर भी शिक्षा विभाग द्वारा सूची तैयार कर सरकार को प्रस्ताव भेजा है। ताकि समय रहते शालाओं का उन्नयन कराया जा सके और बच्चों को शिक्षा की व्यवस्था सुचारू रूप से चल सके। जिला शिक्षा अधिकारी अतुल मोदगिल ने बताया कि बाढ़ की चपैट में आने से लगभग 873 जिले के विभिन्न ब्लाकों में स्थित स्कूलों में पानी भरने के कारण क्षति हुई है। स्कूलों में रखा सामान, पुस्तकें, स्कूल का रिकार्ड, बच्चों का रिकार्ड के अलावा बच्चों के स्पोर्टस का सामान फर्नीचर के अलावा कई ऐसी सामग्री थी। जो बाढ़ में खराब हो गई है। विदिशा जिले में 172 हाई स्कूल और हायर सेकेडण्री स्कूल शामिल हैं। जो बाढ़ से प्रभावित हुए हैं। वहीं 701 माध्यमिक और प्राथमिक शालाएं भी बाढ़ की चपैट में आने से क्षतिग्रस्त हुई हैं। कई ऐसे भवन थे। जिनमें कई दिनों तक पानी भरा रहा और उनमें रखा सभी सामान खराब हो गया है। 11 करोड़ का प्रस्ताव जिसमें 8 करोड़ का  माध्यमिक शाला और प्राथमिक शाला के लिए भेजा गया है। जबकि 3 करोड़ का प्रस्ताव हाई स्कूल और हायर सेकेडण्री के उन्नयन के लिए भेजा है।

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