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समाजवादी के नेता संगम यादव को धमकी भरा ऑडियो वायरल

  देवरिया

 

उत्तर प्रदेश के देवरिया जिले से समाजवादी पार्टी के नेता संगम यादव का एक ऑडियो वायरल हुआ है. जिसमें वो इंश्योरेंस क्लेम में पूरी गाड़ी ठीक कराने के लिए वर्कशॉप कर्मचारी को धमका रहा हैं. इतना ही नहीं शैलेंद्र कुमार ऊर्फ संगम यादव गालियों के साथ धमकी भरे लहजे में कह रहा है कि ''अखिलेश यादव की सरकार नहीं है, तो क्या हुआ मैं राष्ट्रीय सचिव हूं'', यदि सर्विस सेंटर आऊंगा तो उसी गाड़ी में बांधकर सबको फूंक दूंगा.

इस मामले में सदर कोतवाली पुलिस ने रंगदारी, धमकी देने का मुकदमा दर्ज किया है. सीओ सिटी श्रेयस त्रिपाठी ने बताया कि आरोपी सपा नेता संगम यादव को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है.  

देवरिया के भुजौली कॉलोनी के रहने वाले शैलेंद्र कुमार यादव उर्फ संगम यादव समाजवादी युवजन सभा का राष्ट्रीय सचिव है. चार दिन पहले उसने अपनी कार राजकीय औद्योगिक आस्थान पुरवा स्थित मारुति कंपनी के एक सर्विस सेंटर में दुर्घटना के बाद इंश्योरेंस क्लेम के लिए भेजा. सर्वेयर ने बताया कि सिर्फ आगे का हिस्सा ही क्लेम के मुताबिक ठीक होगा. एजेंसी ने गाड़ी के आगे के हिस्से को ठीक कर दिया, लेकिन बगल की तरफ के पार्ट्स का क्लेम न होने से नहीं बदला. एजेंसी के सर्विस एडवाइजर विक्रम पटेल ने शनिवार को फोन कर सपा नेता को इसके बारे में जानकारी दी तो वह भड़क गया और कर्मचारी को धमकाने लगा.

पीड़ित विक्रम पटेल ने 18 सितंबर को सदर कोतवाली में तहरीर दी. जिसमें उन्होंने लिखा कि 17 सितंबर को संगम यादव अपने साथियों के साथ उससे मिले थे. जिसमें उन्होंने कहा था कि अपने मालिक को बोल देना कि एक लाख रुपये टैक्स पहुंचा दें, वरना ठीक नहीं होगा. पुलिस ने आरोपी संगम यादव के खिलाफ केस दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया. सदर कोतवाल मृत्यंजय सिंह ने बताया कि आरोपी द्वारा रंगदारी भी मांगी गई थी. इस घटना के बाद से वर्कशॉप  कर्मचारी विक्रम पटेल काफी डरा और सहमा हुआ है और वो  कैमरे पर कुछ भी बोलने को तैयार नहीं हुआ.

इस मामले पर क्लासिक मोटर वर्कशॉप के मालिक योगी अरोरा का कहना है कि उनका मारुति का आउटलेट है.  जो भी एक्सीडेंटल क्लेम की गाड़ियां आती हैं, उसके क्रम में एक शैलेंद्र यादव उर्फ संगम यादव की गाड़ी आई थी. उनकी  कार चारों तरफ उनके मल्टीपल डैमेज हैं. इसमें हमारा रोल यह होता है कि पूरा ऐस्टीमेशन करने के बाद हम  बीमा कंपनी को दे देते हैं. जिससे हमें पता चलता है आगे क्या काम करना है. संगम यादव की कार के लिए जो हमें बोला गया हमने वही किया.

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